BRICS 2026—आज दोपहर दिल्ली पहुंच रहे शी जिनपिंग; ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’ पर आधी रात तक फंसा रहा पेंच!
नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में आज से शुरू हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (18th BRICS Summit) का माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बाद, अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर सीधे नई दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उतर रहे हैं। यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी भीषण तनाव के बीच, बीजिंग से रवाना होने से पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद अहम बताया है। पूरी दुनिया की नजरें आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली संभावित द्विपक्षीय बातचीत पर टिकी हैं, जो पिछले कुछ समय से सीमा विवाद को लेकर ठंडे बस्ते में थी।
हालांकि, समिट की शुरुआत से ठीक पहले नई दिल्ली में राजनयिकों के बीच भारी गतिरोध देखने को मिला है। सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त घोषणापत्र यानी ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’ (Delhi Declaration) के एक पैराग्राफ को लेकर बीती रात दो बजे तक सदस्य देशों के बीच तीखी बहस और पेंच फंसा रहा। रूस और चीन चाहते हैं कि इस घोषणापत्र में मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजरायल की भूमिका की कड़े शब्दों में निंदा की जाए, जबकि भारत और कुछ अन्य सदस्य देश वैश्विक संतुलन बनाए रखने के पक्ष में हैं। इस भू-राजनीतिक खींचतान ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और यूरोपीय संघ की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ को सुरक्षा के लिहाज से एक अभेद्य किले में बदल दिया गया है, जहाँ यह ऐतिहासिक महासमिट आयोजित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिनपिंग का यह दौरा वैश्विक व्यापार और डॉलर के मुकाबले ब्रिक्स की नई करेंसी को लेकर बेहद निर्णायक साबित होने वाला है।