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दिल्ली सजी: 12 सितंबर से भारत में शुरू हो रहा 18वां BRICS समिट; शी जिनपिंग, पुतिन और दुनिया के दिग्गज नेता पहुंच रहे भारत

 

नई दिल्ली: भारत इस ऐतिहासिक हफ्ते में दुनिया की महाशक्तियों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली का प्रतिष्ठित ‘भारत मंडपम’ 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (18th BRICS Summit) का मुख्य गवाह बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में होने वाले इस सम्मेलन की आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” (सस्टेनेबिलिटी और सहयोग के लिए नवाचार) रखी गई है। 

इस महा-सम्मेलन की 4 सबसे बड़ी और खास बातें:

1. 7 साल बाद शी जिनपिंग की भारत यात्रा: इस समिट का सबसे बड़ा आकर्षण चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दिल्ली आना है। पिछले सात वर्षों में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात (Bilateral Meet) से भारत-चीन सीमा विवाद और आर्थिक रिश्तों में एक नया मोड़ (Reset) आ सकता है।

2. मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच सबसे बड़ी परीक्षा: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण सैन्य जंग के बीच यह सम्मेलन हो रहा है। चूंकि ईरान और यूएई (UAE) दोनों ही ब्रिक्स के नए सदस्य हैं, ऐसे में भारत के लिए इस वैश्विक संकट पर सभी देशों को एक साझा मंच (New Delhi Declaration) पर लाना एक बड़ी कूटनीतिक परीक्षा होगी।

3. ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज: रूसी राष्ट्रपति पुतिन और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की मौजूदगी में भ

रत इस मंच के जरिए ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की आर्थिक और रणनीतिक आवाज को मजबूत करेगा। 

4. इकोनॉमिक 2030 स्ट्रेटेजी पर मुहर: इस समिट के दौरान ‘ब्रिक्स इकोनॉमिक पार्टनरशिप 2030’ के रोडमैप को अंतिम रूप दिए जाने की पूरी संभावना है, जो पश्चिमी देशों के डॉलर (De-dollarization) और प्रतिबंधों के मुकाबले एक मजबूत व्यापारिक विकल्प तैयार करेगा।

               इस सम्मेलन के चलते नई दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और चुनिंदा रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। वैश्विक व्यापार और शेयर बाजार पर नजर रखने वालों के लिए आगामी 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

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