Share Market Crash—कच्चे तेल की आग में झुलसा भारतीय शेयर बाजार; रियल्टी और मेटल शेयरों में तबाही, निवेशकों के करोड़ों स्वाहा!
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मुंबई: वैश्विक स्तर पर मचे भू-राजनीतिक कोहरे और सऊदी अरब द्वारा तेल पाइपलाइन बंद किए जाने के फैसले ने आज भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। शुक्रवार को बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया, जिससे निवेशकों में भारी अफरा-तफरी मच गई। घरेलू शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज करीब 120.43 अंक टूटकर 74,781.11 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी वैश्विक मंदी की इस आंधी को नहीं झेल पाया और 241 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,398.40 के बेहद निचले स्तर पर फिसल गया। इस भारी गिरावट के कारण महज कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय निवेशकों के लाखों-करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों का $110 प्रति बैरल के पार जाना भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा रेड फ्लैग (खतरे की घंटी) साबित हुआ है। महंगाई बढ़ने के डर से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ारों से तेजी से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। आज के कारोबार में सबसे ज़्यादा तबाही रियल्टी, मेटल, ऑटो और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और डीएलएफ जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 3 से 5 फीसदी तक टूट गए। इसके अलावा, तेल की महंगाई के सीधे असर के कारण पेंट और एविएशन (हवाई सेवा) कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली रही। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक ब्रिक्स सम्मेलन से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती और कच्चे तेल के दाम नीचे नहीं आते, तब तक शेयर बाजार में यह अनिश्चितता और गिरावट का दौर जारी रह सकता है।